रविवार, 7 अगस्त 2011
तेरा घर और मेरा जंगल......
तेरा घर और मेरा जंगल भीगता है साथ साथ
ऐसी बरसातें कि बादल भीगता है साथ साथ
- परवीन शाकिर
1 टिप्पणी:
बेनामी
7 अगस्त 2011 को 6:55 am बजे
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